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कलेक्टर के निर्देश पर भैंसमा तहसीलदार ने की सख्त कार्रवाई
कोरबा, 30 अप्रैल 2025 । कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा जिले के सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि कोटवारों को सेवा भूमि के रूप में प्रदान की गई शासकीय भूमि के अवैध क्रय-विक्रय या नामांतरण की स्थिति में संबंधित रजिस्ट्री को निरस्त कर भूमि को पुनः शासन के नाम दर्ज किया जाए। कलेक्टर के इन निर्देशों के अनुपालन में भैंसमा तहसीलदार श्री के.के. लहरे ने ग्राम कुकरीचोली की कोटवारी भूमि के अवैध नामांतरण के प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 0.652 हेक्टेयर भूमि का नामांतरण निरस्त कर उसे शासन के रिकार्ड में पुनः दर्ज किया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम कुकरीचोली, तहसील भैंसमा अंतर्गत खसरा नंबर 377/1 एवं 376 से जुड़ी कोटवारी भूमि को व्यक्तिगत नामों पर दर्ज किए जाने के प्रकरणों में तहसील प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। इनमें अनिता कौशिक (0.045 हे.), मंजू जायसवाल (0.040 हे.), कनिका चक्रवर्ती (0.012 हे.), तथा डॉ. केसी देवनाथ (कुल 0.555 हे.) द्वारा स्वामित्व प्राप्त भूमि के नामांतरण को अपास्त कर शासन के नाम पर दर्ज किया गया।
जिले में इस प्रकार के कुल 63 प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें भैंसमा में 16, कटघोरा में 8, दीपका में 8, हरदीबाजार में 7, बरपाली में 10, पोड़ी उपरोड़ा में 2, कोरबा में 2, दर्री में 6 और पाली में 4 मामले दर्ज हैं। सभी प्रकरणों में एकल लेन-देन के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर श्री वसंत ने स्पष्ट किया है कि कोटवारी सेवा भूमि की बिक्री या अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज होने की स्थिति में बिना देरी के कानूनी कार्रवाई कर उसे शासन के नाम दर्ज किया जाएगा, ताकि शासकीय भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





