👉दिन में वापस किए गए खराब धान को रात में फिर वापसी
👉विभाग के अधिकारी कर्मचारी मिलकर लगा रहे शासन को लाखों का चुना
👉 हमालों के मेहनताना पर भी डाल रहे डाका
नुनेरा, पाली । कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत स्थित धान उपार्जन केंद्र नुनेरा में धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताए सामने आए हैं। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान खराब गुणवत्ता पाए जाने पर जिन धानों को वापस किया जाता था, उन्हें उपार्जन केंद्र के कर्मचारियों एवं प्रबंधक की कथित मिलीभगत से गांव में एक निश्चित स्थान पर रखवाया जाता था।
सूत्रों का दावा है कि उक्त धान को बाद में उक्त किसान से सांठ गांठ कर रात के समय अदला-बदली कर पुनः उपार्जन केंद्र में लाया जाता था। इस प्रक्रिया से शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति होने की आशंका जताई जा रही है।
बीती रात्रि मुखबिर से सूचना मिलने पर निगरानी समिति के सदस्य टुम्पाल अहीर एवं ग्राम के कुछ नागरिक उपार्जन केंद्र पहुंचे। मौके पर “राजवीर डीजे” लिखा हुआ सफेद रंग का एक पिकअप वाहन पाया गया जो प्लास्टिक की बोरी में धान से पूरा भरा हुआ था जिसका चालक गांव का निवासी अमोल दास बताया जा रहा है जो की मंडी में हमाल का कार्य भी करता है ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन से धान की बोरियां उतारी जा रही थीं। पूछताछ के दौरान हमालों एवं कर्मचारियों द्वारा स्पष्ट एवं संतोषजनक जवाब नहीं दिए गए।
*हमालों के पारिश्रमिक में कटौती का भी आरोप*
छत्तीसगढ़ कृषि मंडी विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मंडी में कार्यरत हमालों को धान खाली करने, स्टैकिंग, छल्ली लगाने, सिलाई सहित समस्त कार्यों के लिए ₹34.77 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाना निर्धारित है।
हालांकि, आरोप है कि उपार्जन केंद्र में हमालों से मात्र ₹6 से ₹7 प्रति क्विंटल की दर पर कार्य कराया जा रहा है, जबकि शेष राशि अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा आपस में बांट ली जाती है।
इस स्थिति के चलते हमालों द्वारा बाहरी आय के साधन अपनाने तथा किसानों से अवैध लेन-देन की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
फिलहाल, इस पूरे मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों एवं निगरानी समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।






