
बिलासपुर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय एक बार फिर विवादों में घिरता नजर आ रहा है। युक्तिकरण के नाम पर जहां राज्य शासन ने दूर-दराज के गांवों में शिक्षकों की कमी दूर करने का दावा किया था, वहीं अब उसी युक्तिकरण पर सवाल उठने लगे हैं। चर्चा यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मनपसंद लोगों को सुविधाजनक जगहों पर पोस्टिंग दी जा रही है।ताजा मामला बिलासपुर जिले के पासीद शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला से जुड़ा है। यहां पदस्थ पुष्पा श्रीवास्तव को जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।

सवाल यह उठ रहा है कि जब स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भारी कमी है, तो फिर एक कर्मचारी को कार्यालय में अटैच करने की जरूरत क्यों पड़ी।इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे का कहना है कि संबंधित महिला शिक्षिका नहीं, बल्कि स्कूल में बाबू के पद पर कार्यरत थीं। उनका यह भी कहना है कि कर्मचारी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और दो से तीन महीने में उनका सेवानिवृत्त होना भी तय है,इसलिए यह व्यवस्था की गई है।हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि जब शिक्षा विभाग के मुख्यालय में पहले से ही कई वरिष्ठ सहायक ग्रेड-2 के कर्मचारी पदस्थ हैं, तो फिर एक और कर्मचारी को कार्यालय में अटैच करना कहीं न कहीं संदेह पैदा करता है। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।





