पाली । कोरबा जिले में महिला एवं बाल विकास परियोजना अंतर्गत रेडी टू ईट संचालन को लेकर समूह के चयन प्रक्रिया पर गड़बड़ी और मिली भगत के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सोपा गया है.
राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया. यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया है. इनमे कोरबा जिला भी शामिल है. लेकिन जब से इसकी चयन प्रक्रिया आरम्भ हुई है तब से ही इसकी पारदर्शिता नही बरतने और गड़बड़ी तथा सांठगांठ कर अपने चहेते समूह को नियम विरुद्ध चयनित करने के आरोप लग रहे हैं. कोरबा जिले के परियोजना के रेडी टू ईट योजना अंतर्गत चयनित समूह के चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन से लेकर विभागीय मंत्री-मुख्यमंत्री तक लिखित और मौखिक रूप से शिकायत दर्ज कराया गया है. साथ ही उचित कार्यवाही नही होने पर न्यायालय की शरण भी लेने विचार हो रहा है. जिससे कोरबा जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग की अति महत्वाकांक्षी योजना एक बार फिर चर्चा और विवाद में घिर गया है. सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत पूरक पोषण आहार व्यवस्था अंतर्गत रेडी टू इट एवं फोर्टीफाइड आटा का परियोजना स्तर पर स्थापित यूनिट के माध्यम से निर्माण एवं आपूर्ति हेतु महिला स्व सहायता समूहों के चयन एवं कार्य से पृथक करने की प्रक्रिया का निर्धारण हेतु अभिरुचि का प्रस्ताव इच्छुक सक्षम महिला स्वयं सहायता समूह से 7 अप्रैल से 21 अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किया गया था.आवेदनों का जिला स्तरीय रेडी टू ईट चयन समिति द्वारा परीक्षण कर अंकों की गणना कर अंक प्रदाय किया गया था. तत्पश्चात योग्यता क्रम निर्धारण का प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान दिया गया. प्राथमिक सूची तैयार कर 15 से 20 मई तक दावा आपत्ति किया गया. बताया जाता है कि इसके बाद अंतिम चयन सूची में फेरबदल कर दिया गया. इसे लेकर चयन सूची में प्रथम स्थान पर चयनित समूह के द्वारा समिति पर अनियमितता और मिली भगत के गंभीर आरोप लगाए गए हैं और इसकी सूक्ष्म, निष्पक्ष जांच की मांग किया गया है.इस समबन्ध मे जिया महिला स्व सहायता समूह हरदीबाजार और संतोषी महिला स्व सहायता समूह ने उच्च स्तरीय शिकायत किया है. इन समूह पदाधिकारियों के अनुसार दोनों ही समूह को उनके परियोजना में चयन समिति ने प्रथम स्थान दिया था जो कि दावा आपत्ति के बाद हरदी बाजार समूह में प्रथम स्थान पर रहे जिया महिला समूह (83 अंक) को चौथे स्थान पर चयनित जय मां दुर्गा समूह (67 अंक) को 18 अंक देकर प्रथम स्थान पर ला कर बाहर कर दिया गया. इसी तरह कटघोरा परियोजना में संतोषी महिला स्व सहायता समूह मलगांव 81 अंक के साथ प्रथम स्थान पर चयनित हुआ था. दावा आपत्ति के बाद तीसरे स्थान पर रही जय दुर्गा समूह मुढ़ाली (68 अंक) को 15 अंक की बढ़ोतरी कर दी गई.इसी तरह की शिकायत पसान परियोजना मे भी सामने आया है.पहली चयन सूची में प्रथम,द्वितीय, तृतीय स्थान पर चयनित समूह को नजर अंदाज कर रैंक में निचले पायदान पर स्थित समूह का चयन आश्चर्यजनक है और संदेहास्पद भी है. इसलिए इसकी नियमानुसार निष्पक्ष जांच किया जाना न्याय संगत होगा.





