पाली से संवाददाता – दीपक शर्मा की रिपोर्ट
कोरबा.जिले के पाली थाना अंतर्गत ग्राम भादा में पत्ता तोड़ने गए दो लोगों पर भालू ने अचानक जानलेवा हमला कर दिए, हमले में रिटायर पंचायत सचिव बृजपाल तंवर एवं धनसिंह धनुहार बुरी तरह घायल हो गए हज जिनको उपचार हेतु पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है जहां उनका उपचार चल रहा है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के कोरबा,सरगुजा,जशपुर,सूरजपुर वाले बेल्ट में तेंदूपत्ता,चार,महुआ के सीजन में भालू के हमले बढ़ जाते है,
*जंगल में जाते समय किन बातों का रखे ध्यान*
*जंगल जाने से पहले:*
1. *लोकेल से पूछ लो*: गांव वालों से पता कर लो कि उस एरिया में भालू, तेंदुआ, हाथी या सांप की एक्टिविटी है या नहीं। वो सबसे बेहतर गाइड होते हैं।
2. *अकेले मत जाओ*: कम से कम 3-4 लोगों का ग्रुप बनाओ। ग्रुप की आवाज से जानवर दूर रहते हैं।
3. *सही टाइम चुनो*: सुबह 6-9 बजे और शाम 4-6 बजे जानवर सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं। हो सके तो 10 बजे से 3 बजे के बीच जंगल का काम निपटा लो।
*जंगल में रहते हुए:*
4. *शोर करते रहो*: बातें करो, ताली बजाओ, सीटी बजाओ। इससे जानवरों को पता चल जाता है कि इंसान आ रहे हैं और वो खुद रास्ता बदल लेते हैं।
5. *हवा का रुख देखो*: हमेशा हवा की उल्टी दिशा में चलो। अगर हवा तुम्हारी तरफ से जानवर की तरफ जा रही है, तो वो तुम्हारी गंध पहले सूंघ लेगा और भाग जाएगा। तुम्हारी तरफ हवा आएगी तो सरप्राइज एनकाउंटर का चांस बढ़ता है।
6. *तीखी गंध वाले सामान अवॉयड करो*: परफ्यूम, तेज खाने की चीजें जानवरों को अट्रैक्ट करती हैं।
*अगर सामना हो जाए:*
– *भालू/तेंदुआ*: भागो मत। धीरे-धीरे पीछे हटो, खुद को बड़ा दिखाओ – जैकेट, बैग ऊपर उठा लो। आंख में आंख मत मिलाओ। अगर जमीन पर गिर जाओ तो पेट के बल लेटकर गर्दन ढक लो।
– *हाथी*: पेड़ के पीछे छिप जाओ। हाथी मुड़ने में टाइम लेते हैं, इसलिए जिग-जैग दौड़ना काम करता है।
– *सांप*: छड़ी से आगे का रास्ता टटोलकर चलो। पत्थर, पत्तों के ढेर में हाथ मत डालो।
*सामान जो साथ रखना चाहिए:*
– लंबी लाठी या डंडा
– टॉर्च, सीटी
– प्राथमिक उपचार किट
– फोन में नेटवर्क चेक कर लो, और लोकेशन किसी को बता दो
ज्यादातर हमले तब होते हैं जब लोग चुपके से पत्ता तोड़ रहे होते हैं या शॉर्टकट ले रहे होते हैं। शोर और ग्रुप में रहना ही 80% खतरा कम कर देता है।





