पाली/
सरायपाली ओपन कास्ट कोल परियोजना में रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा सहित विविध मुद्दों को लेकर SECL पर वादा खिलाफी करने का आरोप लगाते हुए गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने आज खदानबंदी और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया. जो लगभग 8 घण्टे तक चला. SECL प्रबंधन, प्रशासन और ग्रामीणों के साथ विधायक तूलेश्वर सिंह मरकाम के बीच धरना स्थल पर वार्ता में लिखित समझौते के बाद स्थगित हुआ.
SECL कोरबा एरिया के तहत चल रही सरायपाली ओपन कास्ट कोल परियोजना (OCP) में पुनर्वास, रोजगार और विस्थापना को लेकर प्रबंधन पर ग्रामीणों को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगा है.खदान 2004 में आरम्भ हुई है जिसमे 26 जनवरी 2021 से उत्पादन शुरू हुआ. खदान की क्षमता 1.4 मिलियन टन है. इस खदान के प्रभावित बुड़बुड़-रहाडीह गांव के विस्थापितों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के समय किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए.ग्रामीणों ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के लिए 2007 में ही क्लीयरेंस दिया गया था, लेकिन मुआवजा और नौकरी के विवाद के कारण ही खदान सालों तक अटकी रही थी.अधिकारियों के वादे और आश्वासन के बाद 2021 में खदान शुरू तो हुई, लेकिन विस्थापित परिवार आज भी भटक रहे हैं.विधायक तुलेश्वर मरकाम के नेतृत्व में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भू स्थापितों, प्रभावित ग्रामीणों, कामगारों,कार्यकर्ताओं के साथ खदान के मुख्य दरवाजे पर धरना प्रदर्शन आरंभ किया. विधायक श्री मरकाम ने कहा कि “एक परिवार – एक नौकरी” का वादा था. सैकड़ों पात्र युवाओं की फाइलें कोरबा एरिया कार्यालय में धूल खा रही हैं. कभी दस्तावेज अधूरे, कभी ग्राम सभा नहीं हुई, कहकर लौटा दिया जाता है. मुआवजा, रोजगार विस्थापन के कई मामले लंबित है.वाहन चालकों और क्षेत्र के बेरोजगारों का शोषण किया जा रहा है.प्रबंधन केवल दोहन कर रहा है.कल तक हम जिस जमीन के मालिक थे ,आज हमें नौकर बना कर रख दिया है. उन्होंने कहा कि वादा खिलाफी अब बर्दाश्त से बाहर है. SECL को हमारी मांगे माननी ही पड़ेगी क्योंकि वह हमारा अधिकार है. विधायक प्रतिनिधि कुलदीप मरकाम ने कहा कि SECL अंग्रेजों की नीति फूट डालो राज करो की तर्ज पर चल रहा है. यहां जो भी समस्याएं हैं उनकी इसी नीति का दुष्परिणाम है. उन्हें यह समझना होगा कि जनता जाग चुकी है और अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना भी जानती है. धरना प्रदर्शन को गोगपा के कई पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया. गोगपा ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर पूरी तरह से ठोस कार्रवाई नहीं होगी, धरना प्रदर्शन अनिश्चितकाल के लिए चलता रहेगा.
शाम 5:00 बजे प्रशासन की ओर से एसडीएम रोहित सिंह, SECL प्रबंधन के अधिकारी वार्ता के लिए धरना स्थल पहुंचे. जहां विभिन्न मुद्दों पर विधायक श्री मरकाम और प्रदर्शनकारी ग्रामीणों के साथ लंबी बातचीत हुई. अंततः लिखित समझौते के बाद धरना स्थगित किया गया.
प्रमुख रूप से निम्न बिंदुओं पर निर्णय /समझौता हुआ…..
👉🏼38 किसानो का लम्बित पुनर्वास राशि का भुगतान दिवाली तक करने
👉🏼मुआवजा, विस्थापन, रोजगार के लम्बित मामलों का निर्धारित समयावधि में निपटारा
👉🏼वाहन चालकों को HPC दर से भुगतान आज से ही लागू
👉🏼वाहन चालकों को नहीं हटाया जाएगा
👉🏼बुड़बुड़ ग्राम के माता चौरा मे स्थापित देवी, तथा शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा को नए ग्राम मे स्थानांतरित किये जाने
👉🏼 प्रभावित ग्रामों में सहित आसपास के 10 ग्रामों में सामुदायिक कार्यों की जवाबदेही
👉🏼 विधायक के नेतृत्व में कमेटी का गठन, जो भविष्य में परियोजना में होने वाले कार्यो की निगरानी, सहित निर्णय लेगी
👉🏼 स्वरोजगार हेतु स्थानीय को प्राथमिकता, विशेष कर भू प्रभावित जिन को रोजगार नौकरी नहीं मिला है और उनकी जमीन खदान से प्रभावित हुई है








